आपको सबसे पहले बता दें की ऊपर तस्वीर में सीताराम येचुरी के साथ जो शख्स दिख रहा है
वो तमिल है, तमिलनाडु का है
केरल में काम करता था, वहां उसका इलाज करने से इंकार कर दिया गया क्यूंकि वो तमिलनाडु का है
अब आपको विस्तार से बताते है
हुआ ये की बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का केरल के कन्नूर में कार्यक्रम रखा है
भारत में एक राज्य का मुख्यमंत्री दूसरे राज्य जा सकता है, भले ही राजनीती के लिए
ममाता बनर्जी भी दिल्ली आती रहती है, केरल के मुख्यमंत्री भी राजस्थान आये थे
पर योगी की केरल यात्रा से सत्ता में बैठी सी.पी.एम. को बहुत तकलीफ हो रही है
सी.पी.एम. ने योगी की यात्रा का विरोध किया और तंज कस्ते हुए ये ट्वीट किया
We invite UP CM Yogi to visit Kerala Hospitals to learn how to run Hospitals effectively! https://t.co/SzNsMVCDp8— CPI (M) (@cpimspeak) October 3, 2017
सी.पी.एम. ने कहा की, योगी केरल आएं स्वागत है, आकर सीखें की सुशासन क्या होता है, अस्पताल, स्वास्थ्य सुविधाओं को कैसे चलाते है
योगी केरल का मॉडल सीखें
अब हम आपको एक दूसरी तस्वीर दिखाते है, वामपंथ मॉडल, वामपंथ सुशासन को दे
3 Govt hospitals in Kerala allegedly deny treatment to a Tamil Nadu man,working in Malappuram;kin says treatment refused as he belongs to TN pic.twitter.com/suDV8sxODS
— ANI (@ANI) October 2, 2017
केरल के मल्लपुरम जिले में 3 सरकारी, जी हाँ हम फिर लिख रहे है "सरकारी" यानि सी.पी.एम. सरकार के अस्पतालों ने इस व्यक्ति का इलाज करने से इंकार कर दिया क्यूंकि वो केरल का नहीं तमिलनाडु का था
यही मॉडल है वामपंथ का, नफरत का मॉडल
आपको बता दें की योगी गोरखपुर के सांसद बहुत दिनों से थे, और अब मुख्यमंत्री हैं
गोरखपुर में सिर्फ उत्तर प्रदेश के ही नहीं बल्कि बिहार और यहाँ तक की नेपाल से भी मरीज आते है, वहां आजतक ऐसा मामला नहीं हुआ की बिहार का होने की वजह से, नेपाल का होने की वजह से किसी मरीज के इलाज से इंकार किया गया हो
पर वामपंथ का यही मॉडल है, व्यक्ति तमिलनाडु का है इसलिए इलाज से इंकार
