केरल भले ही देश का सबसे बड़ा राज्य न हो, और न ही केरल में हिन्दुओ की जनसँख्या बहुत हो, पर ये भी सत्य है की केरल में आरएसएस की सबसे ज्यादा शाखाएं लगती है
जितना हिन्दुओ का कत्लेआम होता है, हिन्दू उतना संघ से जुड़ता है
केरल में कत्लेआम के बाबजूद हिन्दू संघ से जुड़ते है, और ऐसे हिन्दुओ की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है
वामपंथी तत्व केरल में 1920 के ज़माने से ही एक्टिव है, और धीरे धीरे ही सही पर वामपंथियों की संख्या में कमी आ रही है
वहीँ दूसरी ओर संघ के स्वयंसेवकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है
केरल में संघ की बढ़ती लोकप्रियता देखकर वहां के स्थानीय वामपंथी नकलची बन्दर हो गए है
और वो भी संघ की नक़ल करने लगे है

ये देखिए केरल के कन्नूर में वामपंथी आरएसएस की जैसी हाफ पैंट और बिलकुल आरएसएस के अंदर में डंडा लेकर अपनी शाखा लगा रहे है
इनके हाथों में वामपंथी झंडा है
इन नकलची बंदरों को लगता है की वो संघ की ऐसी नक़ल कर हिन्दुओ को मुर्ख बना सकेंगे
सिर्फ आरएसएस के जैसा ड्रेस पहनने से नहीं हो जाता, विचारधारा की जरुरत होती है
ये वामपंथी चीन के भक्त है, जबकि आरएसएस भारत की भक्ति करने वाला संगठन
