त्रिपुरा में हार के बाद वामपंथी बौखला गए है, पश्चिम बंगाल और केरल जहाँ पर मुस्लिम आबादी 30% के आसपास या उस से अधिक है, वहां वामपंथी अब बड़े पैमाने पर दंगा करवाने में लगे हुए है, वामपंथी हिन्दुओ को नुक्सान पहुंचाना चाहते है और इसी कारण वो अब फर्जी तस्वीरों का सहारा ले रहे है, देश के वामपंथियों ने आज ये तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाई जिसपर हमारी भी नजर पड़ी
इस तस्वीर को दिखाकर वामपंथी बता रहे है की ये तस्वीर त्रिपुरा की है जहाँ पर मस्जिद को जला दिया गया है, और तालिबान बना दिया गया है, वामपंथी ग्रुप्स में ये तस्वीर अधिक फैलाई जा रही है साथ ही व्हाट्सऐप पर भी फर्जी तस्वीर को भेजा जा रहा है, असल में ये तस्वीर त्रिपुरा की तो छोड़िये भारत में कहीं की भी नहीं है
In Kerala, Communists are using this image of a Mosque burned in #SriLankan and saying that it is #Tripura and the attack was carried out by BJP. pic.twitter.com/4rsG7JqyEH
— Party Villager (@PartyVillage017) March 6, 2018
ये तस्वीर श्रीलंका की है, जहाँ पर मुस्लिमो और बुद्धों के बीच संगर्ष का एक नया दौर शुरू हुआ है, श्रीलंका में मस्जिद को जलाई गयी है, जबकि वहां की तस्वीर को भारत में वामपंथी त्रिपुरा की बताकर फैलाने में लगे है
असल में त्रिपुरा में वामपंथियों की बहुत बुरी हार हुई है, और अब केरल JNU और मीडिया में ही वामपंथी बैठ गए है, अब वामपंथी अपने असल रूप में आ गए है, चूँकि इनको काफी भय आ गया है की केरल में भी ये जायेंगे, चूँकि वहां तो वैसे भी हर 5 साल में सरकार बदलती है, ऐसे में वामपंथियों का पतन हो जायेगा भारत की भूमि से इसी कारण बौखलाहट में वामपंथी देश में बड़े पैमाने पर नफरत का माहौल बनाने में लगे है
सिर्फ यही एक तस्वीर नहीं वामपंथी तोड़फोड़ की अलग अलग तस्वीर फैलाने में लगे है, पुरानी तस्वीरों को फैलाकर त्रिपुरा का बताया जा रहा है, त्रिपुरा में लोगों ने लेनिन की मूर्ति को तोडा है, अब इसी के बाद वामपंथियों ने दुष्प्रचार करना शुरू किया है की त्रिपुरा में भारी पैमाने पर हिंसा हो रही है जबकि असल बात ये है की त्रिपुरा में कोई हिंसा नहीं हो रही है और सबकुछ सामान्य है

