कुख्यात वामपंथी पत्रकार बरखा दत्त ने अमरीकी वामपंथी अख़बार जिसे अमरीकी राष्ट्रपति फेक न्यूज़ अख़बार कहते है, वाशिंगटन पोस्ट के लिए एक लेख लिखा है
बरखा दत्त ने रोहिंग्यों पर भारत सरकार का विरोध किया है और भारत में रोहिंग्या मुसलमानो के शरण प्राप्ति का समर्थन किया है और कहा है की रोहिंग्यों का शरण पाने का पूरा हक़ है
बरखा दत्त ने इसके पीछे तर्क भी बताया है, देखिये बरखा दत्त का किया गया ट्वीट
Hindus from Pak; Sri Lankan Tamils,Tibetans(Dalai Lama) came to India as refugees. Why not Rohingyas? My WaPo piece https://t.co/UCRUUP5bT3— barkha dutt (@BDUTT) September 18, 2017
बरखा दत्त का कहना है की भारत में अगर पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका के हिन्दू और तिब्बत के बौद्ध शरण पा सकते है तो फिर रोहिंग्या मुसलमान क्यों नहीं
भारत में शरण पाने का हक़ अगर हिन्दुओ का है तो मुसलमानो का भी है
अब आपको बरखा दत्त के कुतर्क पर दैनिक भारत का तर्क बताते है
देखिये 1946 में कोलकाता में भारतीय मुसलमानो ने दंगों की शुरुवात की थी, इन दंगो को "डायरेक्ट एक्शन डे" के नाम से भी जाना जाता है
हिन्दुओ का इन दंगों में कत्लेआम किया गया था
मुसलमानो ने हिन्दुओ का क़त्ल कर, भारत देश के टुकड़े कर खुद ही अपने लिए 2 मुस्लिम देश बनाये थे
और रोहिंग्या मुसलमानो ने जो बर्मा के राखिने प्रान्त में रहते थे
उन्होंने खुद ही जिन्ना को पत्र लिखा था की हमे भी पूर्वी पाकिस्तान में मिलाओ क्यूंकि हूँ बौद्धों और हिन्दुओ के साथ नहीं रहना चाहते, इस्लामिक देश चाहते है
ऐसे में भारत में हिन्दू तो शरण पा सकता है पर बाहरी मुसलमानो को भारत में शरण नहीं दी जा सकती
चूँकि उन्होंने तो खुद भारत के टुकड़े कर अपने लिए इस्लामी देश बनाया
फिर भारत में उनको शरण क्यों चाहिए
