बीजेपी ने नरेश अग्रवाल को पार्टी में लिया है, बीजेपी ये बात अच्छे से जानती है की उसके समर्थको को ये चीज पसंद नहीं आएगी और विरोध का सामना करना पड़ेगा, पर बीजेपी ने नरेश अग्रवाल को काफी सोच समझकर पार्टी में लिया है, बीजेपी को नरेश अग्रवाल से वोट का कोई फायदा नहीं होने वाला चूँकि नरेश अग्रवाल जनाधार वाला नेता नहीं है, पर ऐसे नेताओं की भी जरुरत पड़ती है, जैसे पार्टियों को तोडना, कमजोर करना, "ब्रोकर" होते है ऐसे नेता राजनीती के
पहला तो ये की बीजेपी मायावती को राज्यसभा में जाने से रोकने के लिए नरेश अग्रवाल का इस्तेमाल करेगी, मायावती राज्यसभा नहीं जा पाती और नरेश अग्रवाल सपा के कुछ विधायकों को तोड़ देता है, तो जनता के बीच मैसेज जायेगा की मायावती की अब कोई राजनीती नहीं बची, वो तो 1 राजयसभा में भी फेल हो गयी, मायावती ख़त्म हो जाएगी
बीजेपी उत्तर प्रदेश में इस बार 80 में से 75 सीट कम से कम जीतना चाहती है, सपा बसपा गठबंधन कर सकते है, यहाँ तक की सपा+बसपा+कांग्रेस+RLD ये सभी गठबंधन कर सकते है, और ये लगभग तय है, कोई भी अकेले लड़े ऐसी हैसियत नहीं, इस 2019 मे मोदी और अमित शाह 272+ नहीं बाकि 362+ का मिशन लेकर चल रहे है, और इसके लिए उत्तर प्रदेश में 75+ सीट जरुरी है
मायावती राज्यसभा नहीं पहुँचती तो उनकी राजनीती ख़त्म हो जाएगी, कांग्रेस पहले से ख़त्म है, RLD पहले से ख़त्म है, बची है सपा, सन्देश जायेगा की सपा भी मायावती को राज्यसभा नहीं भेज पायी, उसका नेता टूट गया और उसका विधायक भी, सपा की राजनीती भी ख़त्म हो जाएगी, और बीजेपी 2019 में इन सभी मरी हुई पार्टियों के गठबंधन के बाबजूद 75 या उस से अधिक सीट जीत सकती है, राजनीती में सबकुछ सीधा नहीं होता, देखिये मोदी जी का ये बयान
All the @BJP4India supporters (including me) need to see this video multiple times! pic.twitter.com/Fe7WQI70ax
— Shefali Vaidya (@ShefVaidya) March 13, 2018
जब लालू नितीश एक हो सकते है, मायावती अखिलेश एक हो सकते है, तो अगर बीजेपी नरेश अग्रवाल जैसो को राजनितिक फायदे की कोशिश में लेती है तो राजनीती में ये जायज है, बीजेपी भी जानती है की इस देश में कई काम ऐसे है, उसके खुद के कई वादें ऐसे है की उनके लिए संसद में दो तिहाई बहुमत चाहिए, 2/3 मेजोरिटी, यानि 362 से ज्यादा सीट
उदाहरण के तौर पर धारा 370 को ख़त्म करना, जनसँख्या नियंत्रण जैसे कई कानून लाना, भारत को हिन्दू राष्ट्र ही घोषित करना, इत्यादि, ऐसे कई कामो के लिए बीजेपी को संविधान में संसोधन करना पड़ सकता है जिसके लिए 2/3 बहुमत चाहिए, और इसी कारण अगर बीजेपी कुछ एक्सपेरिमेंट कर रही है तो समर्थको को जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए, उस फैसले के बाद थोड़ा सा इंतज़ार जरूर करना चाहिए, और संसद में बीजेपी को 2/3 बहुमत जरुरी है, ताकि देश के हित के महत्व्यपूर्ण कार्य वो कर सके
