
इस बात की जानकारी एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी ने दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है.नई दिल्ली, 27 मार्च: राम भक्तों के लिए बुरी खबर है क्योंकि राम मंदिर का फैसला सुनाने वाले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने महाभियोग लाकर उन्हें हटाने की तैयारी कर ली है. चीफ जस्टिस के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है, अब तक करीब 50 सांसदों ने हस्ताक्षर भी कर दिए हैं जिसमें कांग्रेस, एनसीपी और टीएमसी के सांसद शामिल हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ममता बनर्जी की अगुवाई में यह कदम उठाया गया है, इसके पहले उन्होंने वकील प्रशांत भूषण से मुलाक़ात की थी और इस मामले में राय ली थी. चीफ जस्टिस के खिलाफ चार जजों ने पिछले महीनें प्रेस वार्ता की थी. उसी प्रेस वार्ता को महाभियोग लाने का कारण बताया जा रहा है.
अगर चीफ जस्टिस को हटाया गया या उन्होंने दबाव में आकर खुद ही इस्तीफ़ा दे दिया तो राम मंदिर का मामला अटक जाएगा क्योंकि दीपक मिश्रा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है और कुछ दिनों में अंतिम फैसला सुना सकती है जो राम मंदिर के पक्ष में हो सकता है. ऐसा लगता है कि विरोधी दल राम मंदिर मुद्दे को और लटकाना चाहते हैं इसलिए इस मामले में फैसला सुनाने वाले प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को ही हटाने की तैयारी की जा रही है.