हमे हमेशा उदाहरणों और इतिहास से सीख और सबक लेनी चाहिए
पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गौरी के आंसू देख उसे छोड़ दिया था, मिला धोखा - कुरआन की कसम खाने के बाद भी गौरी ने धोखा दिया
शिवाजी महाराज ने अफ़ज़ल खान का सर तो अपनी माता के चरणों में भेंट किया क्यूंकि उन्होंने उसका वादा किया था, पर अफ़ज़ल खान के शव को उसके परिजनों को दे दिया
और जमीन भी दी ताकि उसे दफनाया जा सके, आंसू देखकर शिवाजी महाराज ने ऐसा निर्णय किया
आज महारष्ट्र में उस स्थान पर जिहादी अफ़ज़ल खान की जयंती मनाते है, शिवाजी महाराज को ही गालियां देते है
मक्कारी कट्टरपंथियों के नस नस में होती है, इनके मोठे आंसुओं को देखकर अगर आप निर्णय लेते है तो आपने इतिहास और उदाहरणों से कुछ नहीं सीखा
एक और सीख और सबक लेने लायक उदाहरण हम आपको दिखाते है
ये है पाकिस्तान का मुसलमान अब्बास, देखिये भारत की खिल्ली ये 26 सितम्बर 2017 को कैसे उड़ा रहा है
भारत को अपमानित कर रहा है
स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत में शौचालय बन रहे है, ये उसका मजाक बना रहा है, जबकि इसका खुद का देश भूखा नंगा है
ये तो आपने इस पाकिस्तानी मुस्लिम का एक रूप देख लिया
अब देखिये इसी का दूसरा रूप
जिस भारत का ये पाकिस्तानी मुसलमान मजाक बना रहा था, भारत को अपमानित कर रहा था
उसी भारत के वीजा के लिए ये सुषमा स्वराज को टैग कर प्रार्थना कर रहा है
जिस भारत को इंडिया लैट्रिन बता रहा था, इसे अपने अंकल के लिए उसी भारत में लिवर ट्रांसप्लांट करवाना है
और सुषमा स्वराज भी इस मक्कार की बातों में आ गयी और दरियादिल दिखाते हुए उन्होंने वीजा भी दे दिया

जब अपना काम करवाना हो तो "हम्बल रिक्वेस्ट", अन्यथा "इंडिया लैट्रिन"
ऐसे लोगों को मौका मिलेगा तो वो भारत और विशेषकर हिन्दुओ के साथ क्या करेंगे इसकी कल्पना आप कर सकते है, अब विदेश मंत्रालय से हमारी तो यही मांग है की इस मक्कार का वीजा कैंसिल किया जाये
चूँकि हमारे देश को अपमानित करने वाले के प्रति हम कोई सहानुभूति नहीं दिखा सकते
इन लोगों के डीएनए में ही भारत और हिन्दुओ के प्रति नफरत है


