Brings Latest News in Hindi Today on Politics, Business, Anti Secular News

जब ज्यादातर लोग कुंवे पर कपडे धोते थे, नेहरू के कपडे विदेश धुलने जाया करते थे



आज लोग लोग बुलेट ट्रैन का विरोध कर रहे है 
ये तमाम लोग वही है जो नेहरू को अपना आदर्श मानते है, जी हां 

बुलेट ट्रैन का विरोध करने वाले लोग नेहरूवादी, सेक्युलर, वामपंथी ही है, यही लोग बुलेट ट्रैन का विरोध कर रहे है, कहते है की इतने पैसे में तो गरीबों का कल्याण होगा 

हज पर भी सब्सिडी दी जाती है 
भारत एक सेक्युलर देश है तो मुसलमानो की धमकी और निजी यात्रा पर सब्सिडी क्यों दी जाती है 
 सेक्युलर लोग कभी विरोध नहीं करते की हज सब्सिडी बंद की जाये, ये फिजूलखर्ची है, धार्मिक यात्रा निजी मामला है, सब्सिडी न दी जाये 

एक बुलेट ट्रैन का विरोध करते है सेक्युलर लोग पर यही सेक्युलर 14 लाख रोहिंग्यों को भारत में शरण दिलवाना चाहते है, अगर 1 रोहिंग्या पर दिन का सब मिलाकर भी 100 रुपए खर्च आये 
तो 14  लाख रोहिंग्यों पर भारत के सरकारी खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा 

पर विरोध तो सिर्फ बुलेट ट्रैन का करना है इन्हे 
आइये इनके आदर्श नेहरू के कुछ कारनामो पर गौर करते है 








बुलेट ट्रैन पर सवाल उठाने वाले लोग उस नेहरू को अपना आदर्श  मानते है 
जो कपडे विदेश में धुलवाता था, इसके कुत्तों के लिए विदेश से खाना आता था 

नेहरू और उसका परिवार विदेश में इलाज करवाता था, सोनिया गाँधी आज भी विदेश में इलाज करवाती है 
प्राइवेट जेट से उड़ती है 

बुलेट ट्रैन को फिजूलखर्ची बताने वाले लोग अपने को आईने में नहीं देख रहे है