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शाहजहां से नफरत करता था जहांगीर, असमंजस में ही मर गया "शाहजहां मेरा बेटा है या भाई"



वामपंथी इतिहासकारों के अनुसार 
अकबर का बेटा था जहांगीर, जिसे सलीम के नाम से भी जाना जाता है और जहांगीर का बेटा था शाहजहां 

पर ये सिर्फ एक कोरा झूठ है उस से बढ़कर कुछ नहीं 
एक समय तो ऐसा भी था जब अकबर और उसके बेटे जहांगीर के सम्बन्ध बहुत ख़राब हो गए थे, और वो इस बात के कारण की अकबर जहांगीर को नहीं बल्कि शाहजहां को सुल्तान बना देना चाहता था 

जहांगीर हमेशा से शाहजहां को नफरत करता रहा, कई बार उसे मरवाने की भी कोशिश की 
जहांगीर इसी असमंजस में मर गया की शाहजहां उसका अपना बेटा है या फिर उसका भाई 

असल में शाहजहां जहांगीर की नहीं बल्कि अकबर की ही नाजायज औलाद था 
जहांगीर ने हमेशा शाहजहां से नफरत किया वहीँ अकबर तो शाहजहाँ को सुल्तान तक बना देना चाहता था 

शाहजहां से नफरत का ये आलम था की जहांगीर ने एक दिन गुस्से में अपने एक दूसरे बेटे की आँखों को फोड़ दिया था क्यूंकि वो शाहजहां के साथ खेलता था 

वामपंथी इतिहासकारों ने ये बिलकुल झूठ बताया है की शाहजहां की माँ का नाम जगत गोसईनी था 
असल में शाहजहां जहांगीर की एक दूसरी बीवी मांबाई की संतान था 
पर जहांगीर से नहीं बल्कि अकबर से पैदा हुआ था, अकबर और उसकी बहु मांबाई के बीच अवैध सम्बन्ध थे और इसी कारण शाहजहां पैदा हुआ था 

जहांगीर हमेशा ही असमंजस में रहता था की शाहजहां  उसका और मांबाई की औलाद है या फिर अकबर और मांबाई की 
इसी क्रोध में जहांगीर ने अपनी बीवी मांबाई की हत्या भी कर दी थी, और शाहजहां के साथ खेलने के लिए जहांगीर ने अपने एक दूसरे बेटे को अँधा कर दिया था