सबसे पहले आपको बता दें की जिस किसान की दर्दनाक तस्वीर आप ऊपर देख रहे है
इनका नाम था चमनसाब अरिसिनागुप्पी
ये 58 साल के थे और कर्णाटक के चिककमसीहोसूर गाँव के रहने वाले थे जो की हंगल तालुक हावेरी जिले में पड़ता है
सितम्बर 2017 तक कर्णाटक में 481 किसानो ने आत्महत्या की है, कर्णाटक में हर 2 दिन में 5 किसान आत्महत्या कर रहे है, और ये आंकड़े सभी के पास है
481 farmers commit suicide till September 2017 in Karnataka. 5 suicides in every 2 days but as Karnataka is not BJP state so Chalta hai.— Anshul Saxena (@AskAnshul) October 14, 2017
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का गृह जिला मैसूर, वहां की स्तिथि तो सबसे ख़राब है
सबसे ज्यादा किसान मुख्यमंत्री के ही गृह जिले में किसानो ने की है
पर मीडिया इसपर कोई डिबेट नहीं करती चूँकि कर्णाटक में कांग्रेस की सरकार है, अगर कोई किसान बीजेपी शासित राज्य में आत्महत्या करेगा उसी पर डिबेट होगी
कर्णाटक में किसानो की लाशें कब जला दी जाती है, देश को पता भी नहीं चलता
हर 2 दिन में 5 किसान कर्णाटक में आत्महत्या कर रहे है, यानि रोजाना औसतन 2 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे है, पर इसपर कोई मुँह खोलने को तैयार नहीं
जबकि राहुल गाँधी देश भर में घूमकर कह रहे है की जहाँ कांग्रेस की सरकार है वहां खुशहाली है 

