वामपंथी इतिहास कारों ने इस्लामिक अजेंडे के तहत एक से बढ़कर एक झूठ परोसे
इनके द्वारा लिखे गए इतिहास में 99% चीजें अजेंडे के तहत बिलकुल झूठ लिखी गयी है, और ये सब इसी लिए किया गया है ताकि इस्लामी शासन को अच्छा बताया जा सके, महान बताया जा सके और हिन्दू समाज में हीन भावना डाली जा सके
वामपंथी इतिहासकारों की किताबें चींख चींख पर कहती है की अकबर हुमायूँ का बेटा था
यानि अकबर का अब्बू हुमायूँ था, अब जरा इन तथ्यों पर नजर डालिये
1540 के बाद से ही हुमायूँ अपनी बीवी के पास नहीं रहा, 15 साल तक दूर रहा
और अकबर का जन्म वीरसाल के महल में 1542 को हुआ
ऐसे में ये संभव ही नहीं की अकबर हुआयूं का बेटा था
अकबर अमरकोट के राजा वीरसाल की अवैध संतान था, वीरसाल और हुमायूँ की बेगम के बीच सम्बन्ध बने थे और उसी से अकबर 1542 में जन्मा था
अकबर हिन्दू राजा की अवैध संतान था, पर वामपंथी इतिहासकारों ने अमरकोट के राजा का पूरा ये प्रसंग ही
इतिहास की अपनी किताबों से बाहर कर दिया
